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झमाझम बारिश में भी उमड़ा आस्था का सैलाब, भगवान जगन्नाथ की निकली भव्य रथ यात्रा


'जय जगन्नाथ' के जयघोष के बीच भक्तों ने खींचा रथ, नौ दिन मौसी के घर विराजेंगे भगवान

नरसिंहपुर/गोटेगांव_( मोहन सिंह राजपूत )_ आषाढ़ माह की अमावस्या के द्वितीय दिन ग्राम श्रीनगर स्थित प्राचीन जगदीश मंदिर से भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक एवं भव्य रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। तेज बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। भक्तों ने "जय जगन्नाथ" के जयघोष के बीच भगवान का रथ खींचते हुए पूरे गांव को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।


धार्मिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 108 कलशों से स्नान के पश्चात भगवान जगन्नाथ अस्वस्थ हो जाते हैं और एक माह तक भक्तों को दर्शन नहीं देते। वैद्यों द्वारा उपचार के बाद स्वस्थ होकर वे अपनी मौसी के घर दर्शन देने जाते हैं। इसी परंपरा का वर्षों से ग्राम श्रीनगर में विधिवत निर्वहन किया जा रहा है।

बताया जाता है कि यह परंपरा जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में प्रारंभ हुई थी और आज भी उसी श्रद्धा के साथ निरंतर जारी है।

रथ यात्रा जगदीश मंदिर से प्रारंभ होकर गांव के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्रीरामचंद्र मंदिर पहुंची। यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने फूलमालाओं, रंगोली एवं पुष्पवर्षा के साथ भगवान का स्वागत किया। भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा के साथ सुसज्जित रथ पर विराजमान रहे।

अब भगवान नौ दिनों तक श्रीराम मंदिर में मौसी के घर विराजेंगे। देवशयनी एकादशी के अवसर पर पुनः विधिवत शोभायात्रा के साथ भगवान अपने मूल धाम जगदीश मंदिर लौटेंगे। इस अवसर पर श्रीनगर में भव्य मेले का आयोजन भी किया जाएगा।

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