गोटेगांव नगर में भारी यातायात से स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा
मुख्य बाजार में भारी वाहनों की आवाजाही से जाम और हादसों की आशंका, नागरिकों ने बायपास से संचालन की उठाई मांग
नरसिंहपुर/गोटेगांव_( मोहन सिंह राजपूत )- नगर के मुख्य बाजार और व्यस्त मार्गों से दिनभर गुजरने वाले भारी वाहनों की आवाजाही अब स्कूली बच्चों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। विद्यालय खुलने के साथ ही प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं पैदल, साइकिल एवं दोपहिया वाहनों से स्कूल आते-जाते हैं। ऐसे में ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रही है।
अभिभावकों का कहना है कि अधिकांश स्कूलों की छुट्टी शाम करीब चार बजे होती है, ठीक उसी समय भारी वाहनों का दबाव भी अधिक रहता है। संकरी सड़कों और भीड़भाड़ वाले बाजार में बच्चों की सुरक्षा हर समय खतरे में बनी रहती है।
नगर का मुख्य बाजार पहले से ही अतिक्रमण, संकरी सड़कों और बढ़ते यातायात के कारण जाम की समस्या से जूझ रहा है। भारी वाहनों के प्रवेश से कई बार लंबा जाम लग जाता है, जिससे व्यापारियों, राहगीरों और विद्यार्थियों के साथ-साथ एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए बायपास का उद्देश्य ही भारी वाहनों को शहर के बाहर से निकालना था, लेकिन नियमों का प्रभावी पालन नहीं होने के कारण अधिकांश ट्रक और डंपर अब भी मुख्य बाजार से गुजर रहे हैं।
नागरिकों, अभिभावकों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन, पुलिस एवं परिवहन विभाग से मांग की है कि सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक नगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा सभी भारी वाहनों का संचालन अनिवार्य रूप से बायपास मार्ग से कराया जाए, ताकि जाम की समस्या कम हो और स्कूली ब
च्चों सहित आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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