प्रयागराज माघ मेला विवाद के विरोध में गोटेगांव में संत समाज और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
(मोहन सिंह राजपूत)
नरसिंहपुर/गोटेगांव:- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान संगम स्नान को लेकर उत्पन्न हुए विवाद ने देशभर के संत समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है। माघ मेले में स्नान के दौरान भारी भीड़ और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा दिशा-निर्देश लागू किए गए थे, जिसके तहत संगम घाट से निर्धारित दूरी तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी।
इसी व्यवस्था के पालन के दौरान शंकराचार्य ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद महाराज और पुलिस प्रशासन के बीच कहासुनी हो गई। शंकराचार्य की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया तथा उनके साथ मौजूद संत-महात्माओं के साथ धक्का-मुक्की की गई। इस घटना के बाद पूरे संत समाज में रोष व्याप्त हो गया और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई बताया गया।
इस घटना के विरोध में गोटेगांव स्थित परमहंसी गंगा आश्रम के ब्रह्मचारी अचलानंद महाराज के सानिध्य में नगर में पैदल रैली निकाली गई। रैली राम मंदिर से प्रारंभ होकर एसडीएम कार्यालय तक पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए घटना की निंदा की।
एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम श्रीमती संघमित्रा बौद्ध को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रयागराज की उक्त घटना में संलिप्त प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में संत समाज के सम्मान की रक्षा हो सके और कानून व्यवस्था भी संतुलित रूप से बनी रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक आयोजनों में संतों और श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार प्रशासन की जिम्मेदारी है, और ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं।
इस अवसर पर ब्रह्मचारी अचलानंद महाराज के साथ पूर्व विधायक शेखर चौधरी, चौधरी विभाष जैन, स्नेहलता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में गुरु भक्त, संत समाज के प्रतिनिधि एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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