किसानों की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने सौंपा ज्ञापन
नरसिंहपुर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने जिले में राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार, गौशालाओं की अव्यवस्थाओं और किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष कई मांगें उठाई हैं। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू पटेल के नेतृत्व में किसानों ने नायब तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। बाबू पटेल ने चेतावनी दी कि यदि भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो जनआंदोलन किया जाएगा।
बाबू पटेल ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसान दिन-रात मेहनत कर अनाज पैदा करता है, लेकिन खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई, बढ़ती कृषि लागत, फसलों का उचित मूल्य और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर न मिलना आज भी बड़ी चुनौतियां हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों और पटवारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लगातार भ्रष्टाचार संबंधी खबरें सामने आ रही हैं। किसानों को नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित विभिन्न राजस्व कार्यों के लिए विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में सुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सामने आ रही शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता उजागर की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरें गांव-गांव तक पहुंच रही हैं, जिससे लोगों के मन में अपने काम कराने के लिए रिश्वत देने की आशंका पैदा हो रही है। प्रशासन को ऐसी स्थिति दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
गौशालाओं की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
बाबू पटेल ने जिले में संचालित गौशालाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्याप्त गौशालाएं होने के बावजूद सड़कों पर गौवंश दिखाई देते हैं। वहीं, कुछ गौशालाओं में चारे की कमी के कारण गौवंश की मौत होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न गौशालाओं को लेकर ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए तथा व्यवस्थाओं की जांच कराई जानी चाहिए।
गन्ना खरीदी से पहले बैठक कराने की मांग
आगामी गन्ना सीजन को देखते हुए संगठन ने शुगर मिल संचालकों और किसानों के बीच खरीदी शुरू होने से पहले बैठक कराने की मांग की। बाबू पटेल ने कहा कि गन्ने का उचित मूल्य तय करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए समय रहते निर्णय लिया जाना जरूरी है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान शंकर पटेल, राजेश चौकसे, पुरुषोत्तम पटेल, गिरिराज यादव, कैलाश रजक, नन्हेंलाल जाटव, विष्णु चढ़ार सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
“फिलहाल किसान यूनियन ने ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से किसानों की समस्याओं के निराकरण, राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच, गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार और गन्ने का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।
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