परिवहन विभाग को धता दिखाते बस मालिक, सड़कों पर दौड़ रहीं खटारा बसें
(मोहन सिंह राजपूत) नरसिंहपुर/गोटेगांव:- नगर एवं आसपास के ग्रामीण मार्गों पर लंबे समय से खटारा यात्री बसों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। परिवहन विभाग की उदासीनता और लापरवाही के चलते जर्जर हालत की बसें खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर सवारियां ढो रही हैं। जबलपुर-चरगवां मार्ग, गोटेगांव-परमहंसी मार्ग, गोटेगाँव-लाठगाँव सहित अन्य क्षेत्रों में चल रही इन बसों से यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन बना हुआ है।
यात्रियों का कहना है कि बस संचालक पूर्ण किराया वसूलने के बावजूद सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। कई बसों की सीटें टूटी हुई हैं, खिड़कियां खराब हैं, वहीं कई वाहनों की बॉडी जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को बिना पर्याप्त व्यवस्था के सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग मजबूरी में इन्हीं बसों से यात्रा कर रहे हैं क्योंकि उनके पास अन्य कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिवहन विभाग की अनदेखी के कारण बस मालिक नियमों को धता बताते हुए बिना फिटनेस और मानकों की जांच के वाहनों का संचालन कर रहे हैं। कई बार शिकायतें किए जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल किसी बड़ी दुर्घटना या अनहोनी के बाद ही जागता है, जबकि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पहले से प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
क्षेत्रीय नागरिकों और यात्रियों ने मांग की है कि परिवहन विभाग तत्काल विशेष अभियान चलाकर खटारा एवं नियम विरुद्ध संचालित बसों की जांच करे। जिन वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है या जो सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए ताकि लोगों की यात्रा सुरक्षित और आसान बन सके।

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