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गोटेगांव क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद, बगासपुर पंचायत भवन में लाखों की चोरी, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल



नरसिंहपुर/गोटेगांव:-(मोहन सिंह राजपूत)- गोटेगांव नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में एक के बाद एक हो रही चोरी की वारदातों से आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि लगातार घटनाएं सामने आने के बावजूद पुलिस प्रशासन इन पर प्रभावी अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल नजर आ रहा है, जिसके चलते चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
ज्ञात हो कि कुछ ही दिनों पूर्व ग्राम रामनिवारी स्थित जैन मंदिर में अज्ञात चोरों ने लाखों रुपए की चोरी की घटना को अंजाम दिया था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी गोटेगांव पुलिस को इस मामले में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है। अब एक बार फिर चोरों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए एक और बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया है।
ताजा मामला रामनिवारी से महज दो किलोमीटर दूर ग्राम बगासपुर का है, जहां अज्ञात चोरों ने ग्राम पंचायत भवन को निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि चोरों ने पंचायत कार्यालय में रखे कीमती उपकरणों को बड़ी सफाई से पार कर दिया।
ग्राम बगासपुर के सरपंच के अनुसार चोर पंचायत भवन से दो 42 इंच के एलईडी टीवी, बैटरी सहित इन्वर्टर, साउंड सिस्टम, कंप्यूटर स्कैनर, दो स्टैंड पंखे तथा रिसीवर सहित अन्य सामग्री चोरी कर ले गए हैं। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग एक लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि गोटेगांव नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले लंबे समय से चोरी जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन इन मामलों में पुलिस की कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। गंभीर और पेचीदा मामलों में पुलिस की सुस्ती अपराधियों के लिए खुली छूट साबित हो रही है।
लोगों का कहना है कि छोटे-मोटे विवादों को सुलझाने में पुलिस भले ही सक्रिय दिखाई देती हो, लेकिन जब बात संगठित चोरी और गंभीर अपराधों की आती है तो पुलिस की कार्यक्षमता सवालों के घेरे में आ जाती है। यही कारण है कि अपराधियों में पुलिस का भय लगभग समाप्त होता दिखाई दे रहा है।
नगर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा अपराध का ग्राफ अब सीधे तौर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। क्षेत्रवासियों का साफ कहना है कि यदि समय रहते इन घटनाओं पर सख्ती से अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
अब देखना यह होगा कि गोटेगांव पुलिस इन घटनाओं को कितनी गंभीरता से लेती है और कब तक इन वारदातों में शामिल अपराधियों को पकड़कर क्षेत्र में कानून का भय स्थापित कर पाती है।

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